Pandit Deendayal Upadhyay Rajya Karmchari Cashless Chikitsa Yojana 2026: उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी, रिटायर्ड कर्मचारी यानी पेंशनर और उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ ले सकते हैं। इस योजना के तहत पात्र परिवार को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में हर साल ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। सरकारी अस्पतालों में इस योजना के अंतर्गत कैशलेस इलाज पर कोई निर्धारित वित्तीय सीमा नहीं है। योजना का लाभ लेने के लिए State Health Card बनवाना जरूरी है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि State Health Card कैसे बनाएं, सरकारी कर्मचारी का फ्री इलाज कार्ड कैसे बनेगा, पेंशनर हेल्थ कार्ड कैसे बनाएं, ऑनलाइन आवेदन कैसे करें या कार्ड डाउनलोड कैसे करें, तो यहां पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझें।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना क्या है?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सुविधा है। इसे राज्य के पात्र सरकारी कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। योजना जनवरी 2022 के सरकारी आदेश से लागू की गई।
इस योजना में पात्र लाभार्थियों को State Health Card दिया जाता है। इस कार्ड की सहायता से योजना के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। निजी अस्पतालों में इलाज की सीमा प्रति पात्र परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख है, जबकि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में कैशलेस उपचार की कोई निर्धारित वित्तीय सीमा नहीं है। इलाज की सुविधा अस्पताल की सूचीबद्धता, बीमारी, भर्ती और योजना के लागू नियमों के अधीन होती है।
State Health Card से क्या लाभ मिलता है?
- पात्र सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा।
- उत्तर प्रदेश के पात्र पेंशनरों को योजना का लाभ।
- नियमों के अनुसार आश्रित परिवार के सदस्यों को शामिल करने की सुविधा।
- सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज।
- सरकारी चिकित्सा संस्थानों में बिना निर्धारित वित्तीय सीमा के कैशलेस उपचार।
- पात्रता और आवेदन की मंजूरी के बाद State Health Card डाउनलोड करने की सुविधा।
ध्यान दें कि ₹5 लाख का लाभ हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग नहीं, बल्कि निजी अस्पतालों में पात्र परिवार के लिए प्रति वर्ष है। योजना के अंतर्गत हर बीमारी या हर तरह का उपचार अपने-आप कवर नहीं माना जाना चाहिए।
State Health Card कौन बनवा सकता है?
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पात्र राज्य सरकारी कर्मचारियों, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों यानी पेंशनरों और उनके पात्र आश्रितों को मिलता है।
आवेदन करने से पहले अपनी श्रेणी और विभाग से संबंधित पात्रता की पुष्टि करें। केवल उत्तर प्रदेश का निवासी होना इस कार्ड के लिए पर्याप्त नहीं है; योजना की कर्मचारी या पेंशनर संबंधी शर्तें भी पूरी होनी चाहिए।
State Health Card बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय ये जानकारियां और दस्तावेज तैयार रखें:
- कर्मचारी या पेंशनर का आधार कार्ड।
- कर्मचारी पहचान या सेवा से संबंधित विवरण।
- पेंशनर होने पर पेंशन से संबंधित जानकारी।
- मोबाइल नंबर।
- आश्रित परिवार के सदस्यों का विवरण और जरूरी पहचान संबंधी जानकारी।
- विभाग, कार्यालय, DDO या TO से संबंधित जानकारी, जहां लागू हो।
पोर्टल पर मांगे जाने वाले दस्तावेज आवेदन की श्रेणी के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए आवेदन के दौरान आधिकारिक वेबसाइट पर दिखाई गई आवश्यकताओं को ही अंतिम मानें।
State Health Card ऑनलाइन कैसे बनाएं?
उत्तर प्रदेश के पात्र सरकारी कर्मचारी और पेंशनर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट खोलें
सबसे पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना की आधिकारिक वेबसाइट खोलें:
स्टेप 2: Apply for State Health Card विकल्प चुनें
वेबसाइट पर State Health Card के लिए आवेदन करने वाला विकल्प खोलें। आवेदन शुरू करने से पहले अपनी कर्मचारी या पेंशनर श्रेणी की पुष्टि करें।
स्टेप 3: अपनी जानकारी भरें
पोर्टल पर मांगी गई व्यक्तिगत, कर्मचारी या पेंशन संबंधी जानकारी भरें। नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण दस्तावेजों के अनुसार ही दर्ज करें।
स्टेप 4: आश्रित परिवार की जानकारी भरें
जहां विकल्प उपलब्ध हो, वहां पात्र आश्रित सदस्यों की जानकारी भरें। विवरण सबमिट करने से पहले ध्यान से जांच लें, ताकि गलत जानकारी के कारण आवेदन में परेशानी न आए।
स्टेप 5: आवेदन सबमिट करें
सभी आवश्यक विवरण भरने के बाद आवेदन को सबमिट करें और उपलब्ध आवेदन संख्या या रसीद सुरक्षित रखें।
स्टेप 6: DDO/TO की मंजूरी का इंतजार करें
आवेदन संबंधित विभागीय अधिकारी, जैसे DDO या TO, की मंजूरी के लिए जा सकता है। मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की eKYC और कार्ड डाउनलोड प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
State Health Card की eKYC कैसे करें?
आवेदन मंजूर होने के बाद पात्र लाभार्थी को आधार आधारित eKYC पूरी करनी पड़ सकती है। इसके लिए योजना से संबंधित आधिकारिक निर्देशों में दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें।
आधिकारिक Setu पोर्टल का लिंक:
https://setu.pmjay.gov.in/setu/pt-deendyal-upadhyay
पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ें। आधार से संबंधित जानकारी भरते समय सावधानी रखें और OTP किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि पोर्टल पर आवेदन स्वीकृत नहीं दिख रहा है, तो पहले संबंधित विभागीय अधिकारी से आवेदन की स्थिति पता करें।
Pandit Deendayal Upadhyay Cashless Card Download कैसे करें?
State Health Card डाउनलोड करने के लिए सामान्यतः आवेदन का अनुमोदन और आवश्यक eKYC पूरी होना जरूरी है।
- आधिकारिक योजना पोर्टल या दिए गए Setu पोर्टल को खोलें।
- अपने आवेदन या लाभार्थी से संबंधित विकल्प पर जाएं।
- मांगी गई जानकारी भरकर आगे बढ़ें।
- यदि eKYC लंबित है, तो पहले उसे पूरा करें।
- कार्ड डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध होने पर State Health Card डाउनलोड करें।
- कार्ड को मोबाइल में PDF या उपलब्ध प्रारूप में सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर प्रिंट निकाल लें।
पोर्टल के विकल्प समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए कार्ड डाउनलोड करने के लिए किसी अनजान वेबसाइट पर आधार या OTP दर्ज न करें।
State Health Card Status कैसे चेक करें?
अगर आपने कार्ड के लिए आवेदन किया है और अभी तक कार्ड नहीं बना है, तो आधिकारिक योजना पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन या कार्ड की स्थिति जांचने वाले विकल्प देखें।
यदि स्टेटस में आवेदन लंबित दिखाई देता है, तो संबंधित DDO/TO या कार्यालय से संपर्क करें। अगर आवेदन मंजूर है, लेकिन eKYC या कार्ड डाउनलोड में परेशानी आ रही है, तो स्क्रीन पर दिखाई देने वाले संदेश का स्क्रीनशॉट लेकर योजना के आधिकारिक सहायता माध्यम पर शिकायत भेजें।
eKYC करते समय समस्या आए तो क्या करें?
कभी-कभी पोर्टल पर “Beneficiary Already Apply for Scheme” या “Beneficiary eKYC Updation failed” जैसे संदेश दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में बार-बार नया आवेदन करने के बजाय स्क्रीनशॉट लेकर समस्या की जानकारी आधिकारिक सहायता ईमेल पर भेजने के निर्देश योजना से संबंधित FAQ में दिए गए हैं।
यदि परिवार के किसी सदस्य का पहले से आयुष्मान कार्ड बना हुआ है और इस वजह से State Health Card बनने में परेशानी आ रही है, तो स्वयं कार्ड निष्क्रिय करने की कोशिश न करें।
आधिकारिक FAQ के अनुसार ऐसे मामले में संबंधित आयुष्मान कार्ड और आधार की प्रतियां लगाकर सहायता टीम से प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।
State Health Card से इलाज कहां करा सकते हैं?
योजना के तहत पात्र लाभार्थी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध संबंधित सरकारी और निजी अस्पतालों में नियमों के अनुसार कैशलेस इलाज करा सकते हैं।
इलाज के लिए अस्पताल जाने से पहले यह जरूर पता कर लें कि अस्पताल वर्तमान में योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध है या नहीं और आपकी बीमारी के उपचार की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। अस्पताल में भर्ती होने और उपचार की स्वीकृति से संबंधित शर्तें भी लागू हो सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना किस राज्य की है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है। इसका लाभ पात्र राज्य सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मिलता है।
2. State Health Card से कितने रुपये तक इलाज मिलता है?
पात्र परिवार को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में इस योजना के तहत इलाज पर कोई निर्धारित वित्तीय सीमा नहीं है।
3. सरकारी कर्मचारी का फ्री इलाज कार्ड कैसे बनाएं?
आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर State Health Card के लिए आवेदन करें। इसके बाद जरूरी विभागीय मंजूरी, eKYC और कार्ड डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी करें।
4. क्या पेंशनर भी State Health Card बनवा सकते हैं?
हां, उत्तर प्रदेश के पात्र सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी यानी पेंशनर भी योजना के नियमों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
5. State Health Card डाउनलोड नहीं हो रहा है तो क्या करें?
पहले जांचें कि आवेदन मंजूर हुआ है और eKYC पूरी है या नहीं। समस्या बनी रहने पर संबंधित विभागीय अधिकारी या योजना के आधिकारिक सहायता माध्यम से संपर्क करें।
6. क्या यह कार्ड उत्तर प्रदेश के सभी नागरिक बनवा सकते हैं?
नहीं। यह सामान्य नागरिकों के लिए खुली योजना नहीं है। इसका लाभ योजना की शर्तें पूरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके पात्र आश्रितों को मिलता है।
निष्कर्ष
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश के पात्र सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है। निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में बिना निर्धारित वित्तीय सीमा के उपचार की सुविधा मिल सकती है।
योजना का लाभ लेने के लिए State Health Card बनवाना, विभागीय मंजूरी प्राप्त करना और आवश्यक eKYC पूरी करना जरूरी है। आवेदन और कार्ड डाउनलोड के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें।








