राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक शहरी क्षेत्रों में घर-घर सर्वे अभियान चलाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की पहचान करना है जो योजना के नियमों के अनुसार पात्र नहीं हैं, लेकिन अब भी मुफ्त राशन का लाभ ले रहे हैं। वहीं, पात्र होने के बावजूद सूची से बाहर रह गए परिवारों को भी योजना से जोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी
खाद्य सुरक्षा योजना का नया अपडेट क्या है?
राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, सर्वे के दौरान अधिकारी राशन कार्डधारकों की पात्रता की जांच करेंगे। जो परिवार अपात्र पाए जाएंगे, उन्हें पहले स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवाने यानी ‘गिव-अप’ करने के लिए कहा जाएगा। यदि इसके बावजूद वे योजना का लाभ छोड़ने के लिए कदम नहीं उठाते हैं, तो उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इसलिए राजस्थान के राशन कार्डधारकों के लिए यह जानना जरूरी है कि सर्वे किन क्षेत्रों में होगा, अधिकारियों की जांच में क्या देखा जाएगा और पात्र परिवार अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची में कैसे जुड़वा सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा योजना गिव-अप अभियान 2
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक शहरी क्षेत्रों में सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में विभाग के उपायुक्त एवं उप शासन सचिव सुनील पूनिया ने जिला रसद अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
इस अभियान के तहत मुख्य रूप से तीन काम किए जाएंगे:
- अपात्र परिवारों की पहचान: ऐसे राशन कार्डधारकों की जांच की जाएगी जो निर्धारित नियमों के अनुसार खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं हैं।
- गिव-अप के लिए प्रेरित करना: अपात्र परिवारों को स्वेच्छा से योजना से नाम हटवाने के लिए कहा जाएगा।
- पात्र परिवारों को जोड़ना: जो परिवार पात्र हैं, लेकिन अब तक खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
यह अभियान केवल राशन कार्ड से नाम हटाने के लिए नहीं है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना और सूची को निर्धारित नियमों के अनुरूप बनाना भी है।
अक्टूबर से दिसंबर तक किन क्षेत्रों में होगा सर्वे?
विभाग के निर्देशों के अनुसार, सर्वे राजस्थान के शहरी क्षेत्रों के उन वार्डों में किया जाएगा, जहां वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 80 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल है।
इसका मतलब यह नहीं है कि राजस्थान के हर गांव और हर वार्ड में एक ही समय पर सर्वे होगा। अभियान के लिए निर्धारित शहरी वार्डों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सर्वे के दौरान संबंधित अधिकारी और कर्मचारी घरों में जाकर राशन कार्डधारकों की जानकारी तथा पात्रता से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं। इसलिए राशन कार्डधारकों को अपने परिवार की सही जानकारी उपलब्ध रखनी चाहिए।
किसी विशेष वार्ड में सर्वे कब होगा, इसकी जानकारी संबंधित जिला रसद कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
अपात्र राशन कार्डधारकों को क्या नोटिस मिलेगा?
खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल हर परिवार को निर्धारित पात्रता नियमों का पालन करना जरूरी है। यदि जांच के दौरान किसी परिवार को अपात्र पाया जाता है, तो विभाग उसे स्वेच्छा से योजना छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा।
यदि परिवार गिव-अप नहीं करता है, तो उसे नोटिस जारी किया जा सकता है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों को खुद करना होगा फील्ड विजिट
विभाग ने सर्वे की निगरानी के लिए अधिकारियों की फील्ड विजिट भी निर्धारित की है। रिपोर्ट के अनुसार, जिला रसद अधिकारियों, प्रवर्तन अधिकारियों और प्रवर्तन निरीक्षकों को स्वयं मौके पर जाकर काम की निगरानी करनी होगी।
अधिकारियों को अपनी फील्ड विजिट की तारीख और GPS लोकेशन वाली फोटो प्रतिदिन संबंधित प्रभारी अधिकारी को भेजनी होगी। प्रत्येक वार्ड का सर्वे दो दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
फील्ड विजिट के लिए न्यूनतम दिनों का विवरण इस प्रकार बताया गया है:
| अधिकारी | महीने में न्यूनतम फील्ड विजिट |
|---|---|
| जिला रसद अधिकारी | 8 दिन |
| प्रवर्तन अधिकारी | 12 दिन |
| प्रवर्तन निरीक्षक | 12 दिन |
| नए प्रवर्तन निरीक्षक | 15 दिन |
इन निर्देशों का उद्देश्य सर्वे को समय पर पूरा कराना और पात्रता जांच की निगरानी सुनिश्चित करना है।
पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना में नाम कैसे जुड़वाएं?
यदि आपका परिवार खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता पूरी करता है, लेकिन राशन कार्ड में नाम शामिल नहीं है या परिवार का नाम NFSA सूची में नहीं है, तो आप राजस्थान खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते है।
खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटवाने के लिए गिव-अप 2 क्या है?
गिव-अप अभियान का मतलब है कि जो व्यक्ति या परिवार योजना के नियमों के अनुसार पात्र नहीं है, वह स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है।
राजस्थान खाद्य विभाग की वेबसाइट पर NFSA से स्वतः हटने के लिए आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल करने से पहले परिवार को अपनी पात्रता की स्थिति समझ लेनी चाहिए।
यदि परिवार पात्रता को लेकर असमंजस में है, तो उसे बिना जांच किए जल्दबाजी में नाम हटवाने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। संबंधित जिला रसद कार्यालय से पात्रता के नियमों की पुष्टि की जा सकती है।









